दिल की सेहत के लिए देसी घी: कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश जैन से जानें सही तरीका और फायदे

दिल की सेहत के लिए देसी घी सही तरीका और फायदे

दिल की सेहत के लिए देसी घी: कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश जैन से जानें सही तरीका और फायदे

जब भी दिल की सेहत की बात आती है, लोग अक्सर घी, तेल और वसा से दूरी बना लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल किया गया देसी घी आपके दिल का सबसे अच्छा दोस्त बन सकता है? हाँ, यह सुनने में हैरानी जरूर लगती है, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश जैन का मानना है कि दिल की सेहत के लिए देसी घी सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक है। आइए, इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि आप दिल के मरीज होने के बाद भी देसी घी का सेवन कैसे कर सकते हैं और इसके पीछे की विज्ञान क्या है।

दिल की सेहत के लिए देसी घी - 7 ग्राम रोजाना

7 ग्राम देसी घी: दिल के मरीजों के लिए वरदान

अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि क्या हार्ट अटैक या हार्ट सर्जरी के बाद घी खाना सुरक्षित है? डॉ. राकेश जैन साफ करते हैं कि दिल की सेहत के लिए देसी घी न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि फायदेमंद भी है। बस शर्त यह है कि आप इसे ज्यादा गर्म या डीप फ्राइड न करें। सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप रोटी या पराठे के ऊपर थोड़ा सा घी लगाकर खाएं।

डॉ. जैन के अनुसार, रोजाना 7 ग्राम (लगभग एक चम्मच) देसी घी खाना पूरी तरह से अनुमत है। चाहे आपको पहले हार्ट अटैक आ चुका हो, या आपकी बाईपास सर्जरी हुई हो, आप बेफिक्र होकर इस मात्रा में देसी घी का सेवन कर सकते हैं। यही वह सुनहरा नियम है जो दिल की सेहत के लिए देसी घी को एक बेहतरीन आहार बनाता है।

दिल की सेहत के लिए देसी घी - Cardiologist Dr. Rakesh Jain

देसी घी बनाम अन्य तेल: क्यों है यह खास?

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर देसी घी में ऐसा क्या है जो इसे दूसरे तेलों से बेहतर बनाता है? डॉ. राकेश जैन बताते हैं कि देसी घी में ओमेगा-3 फैटी एसिड सबसे ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। ओमेगा-3 वही तत्व है जो आपके दिल की धमनियों को स्वस्थ रखता है और सूजन (inflammation) को कम करता है।

लेकिन सबसे बड़ी हैरानी वाली बात यह है कि देसी घी एकमात्र ऐसा वसा स्रोत है, जिसे खाने से आपका एचडीएल (HDL) यानी “गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि HDL आपके बुरे कोलेस्ट्रॉल (LDL) को साफ करके उसे लिवर तक पहुंचाता है, जहां से वह शरीर से बाहर निकल जाता है। यानी जब आप दिल की सेहत के लिए देसी घी का सही मात्रा में सेवन करते हैं, तो आप अपने दिल को अंदर से साफ कर रहे होते हैं।

सरसों का तेल - दिल की सेहत के लिए देसी घी

सरसों का तेल: दिल का दूसरा संरक्षक

सिर्फ देसी घी ही नहीं, डॉ. राकेश जैन सरसों के तेल को भी दिल के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद मानते हैं। उनके अनुसार, सरसों के तेल में एस्प्रिन (Aspirin) जैसी ताकत होती है। एस्प्रिन आमतौर पर खून को पतला करने के लिए दी जाती है ताकि वह गाढ़ा न हो और धमनियों में जमाव न बनाए।

सरसों का तेल प्राकृतिक रूप से यह काम करता है। यानी इस तेल को खाने से आपका खून कम गाढ़ा होता है, या दूसरे शब्दों में कहें तो खून पतला होता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। हालांकि, डॉ. जैन यह भी सलाह देते हैं कि घी और सरसों के तेल दोनों का इस्तेमाल बारी-बारी से करना चाहिए।

कैसे करें देसी घी का सही इस्तेमाल?

अब सवाल उठता है कि दिल की सेहत के लिए देसी घी का उपयोग करने का सही तरीका क्या है? आइए, इसे आसान बिंदुओं में समझते हैं:

  1. डीप फ्राई न करें: देसी घी को ज्यादा तेज आंच पर गर्म करके उसमें पकौड़े या समोसे तलना गलत है। इससे उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और ट्रांस फैट बनने लगता है।
  2. रोटी पर लगाकर खाएं: सबसे अच्छा तरीका है कि गेहूं या ज्वार की रोटी बनने के बाद उस पर थोड़ा सा देसी घी लगाकर खाएं।
  3. दाल या सब्जी में डालें: पकी हुई दाल या सब्जी के ऊपर एक चम्मच कच्चा देसी घी डालकर खाने से उसका स्वाद और सेहत दोनों बढ़ जाते हैं।
  4. संतुलित मात्रा: दिन भर में आपके द्वारा खाए गए कुल वसा (घी, तेल, ड्राई फ्रूट्स) का ध्यान रखें। 7 ग्राम घी के साथ-साथ 2-3 चम्मच सरसों या जैतून का तेल पर्याप्त है।
हार्ट अटैक के बाद - दिल की सेहत के लिए देसी घी

क्या वाकई हार्ट अटैक के बाद देसी घी खा सकते हैं?

यह सबसे आम सवाल है। ज्यादातर लोग घी को हार्ट ब्लॉकेज का दुश्मन मानते हैं, लेकिन आधुनिक शोध और डॉ. राकेश जैन जैसे हृदय रोग विशेषज्ञ इस मिथक को तोड़ चुके हैं। असली दुश्मन प्रोसेस्ड फूड, बासी तेल और डालडा (वनस्पति घी) है। शुद्ध देसी घी तो शरीर को ऊर्जा देता है, पाचन सुधारता है और दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

इसलिए, दिल की सेहत के लिए देसी घी का सेवन बिल्कुल न छोड़ें, बल्कि उसे सही तरीके से अपनी डाइट में शामिल करें। याद रखें, 7 ग्राम की मात्रा ही आपकी सुरक्षा की सीमा है।

निष्कर्ष

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश जैन की सलाह आम लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। वे साफ कहते हैं कि दिल की सेहत के लिए देसी घी सबसे अच्छा है, बशर्ते हम उसका दुरुपयोग न करें। इसे रोटी पर लगाकर या दाल में मिलाकर, सीमित मात्रा (7 ग्राम) में खाएं। वहीं सरसों के तेल का नियमित इस्तेमाल आपके खून को पतला रखने में मदद करता है। तो अगली बार जब कोई आपसे कहे कि “दिल के मरीज घी नहीं खा सकते”, तो उन्हें डॉ. राकेश जैन का यह जवाब जरूर बताएं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People Also Ask)

सवाल: क्या हार्ट पेशेंट को देसी घी खाना चाहिए या नहीं?
जवाब: हाँ, हार्ट पेशेंट को सीमित मात्रा में (प्रतिदिन 7 ग्राम यानी 1 चम्मच) शुद्ध देसी घी खाना चाहिए। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश जैन के अनुसार, देसी घी एचडीएल (गुड कोलेस्ट्रॉल) बढ़ाता है और ओमेगा-3 से भरपूर होता है। बस घी को डीप फ्राई न करें, बल्कि रोटी पर लगाकर या कच्चा इस्तेमाल करें। हार्ट अटैक या सर्जरी के बाद भी आप इस नियम का पालन करते हुए दिल की सेहत के लिए देसी घी खा सकते हैं।

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